संस्कार भारती नगर समिति पीलीभीत ने सूर्य को अर्ध्य देकर किया नूतनवर्षाभिनंदन

सूर्य को अर्ध्य देकर किया नूतनवर्षाभिनंदन

संस्कार भारती नगर समिति पीलीभीत द्वारा नूतनवर्षाभिनंदन का आयोजन श्री गौरीशंकर मन्दिर प्रांगण में किया गया। सर्व प्रथम सभी आगन्तुको को तिलक लगा कर एवं कलावा बांध कर नाव सम्वत की शुभकामनाएं दी गईं उसके उपरांत भगवान सूर्य को अर्ध्य देकर एवं आरती उतार कर नव संवत का स्वागत किया गया।
संस्थाध्यक्ष प्रदीप अंकुर ने बताया कि संस्कार भारती द्वारा सम्पूर्ण देश में प्रत्येक इकाई द्वारा अनिवार्य कार्यक्रम के अन्तर्गत नूतनवर्षाभिनंदन कार्यक्रम आयोजन किया जाता है । ब्रह्मा जी ने इसी दिन आज से तथा सृष्टि संवत 1,96,08,53,120 वर्ष पुर्व सूर्योदय के साथ ईश्वर ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी आज हम कलियुग के 5,120 वें वर्ष में प्रवेश कर विक्रम संवत्सर 2076 का स्वागत कर रहे हैं।
महामंत्री राजीव कुमार वर्मा ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया। इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् का पहला दिन प्रारंभ होता है।
विक्रमा दितय राजा महाकाल की नगरी उज्जैन मे मध्यप्रदेश मे यह संवत पर्व शिप्रा नदी तट पर मनाया जाता है। हम सभी का यह परम कर्तव्य है कि अपनी आने वाली पीढ़ी को नव संवत के महत्व से अधिक से अधिक अवगत कराएं तथा प्रत्येक व्यक्ति द्वारा नूतन वर्ष का स्वागत धूम धाम से करना चाहिए।

कोषाध्यक्ष तुषार अग्रवाल ने कहा कि प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक का दिन यही है।

संरक्षक डॉ देवेंद्र गोस्वामी ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने इसी दिन को आर्य समाज की स्थापना दिवस के रूप में चुना था।
स्वास्थ्य विभाग के धीरेंद्र सिंह ने कहा कि विक्रमादित्य की भांति शालिवाहन ने हूणों को परास्त कर दक्षिण भारत में श्रेष्ठतम राज्य स्थापित करने हेतु यही दिन चुना।
लक्ष्मी देवी शर्मा ने कहा कि युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ।

अविनाश चन्द्र मिश्र ने कहा कि वैदिक नववर्ष का प्राकृतिक महत्व भी है
वसंत ऋतु का आरंभ वर्ष प्रतिपदा से ही होता है जो उल्लास, उमंग, खुशी तथा चारों तरफ पुष्पों की सुगंधि से भरी होती है।
अशोक शर्मा ने कहा कि फसल पकने का प्रारंभ यानि किसान की मेहनत का फल मिलने का भी यही समय होता है।
अरविंद अग्रवाल ने कहा कि हम सभी भारतीयों को वैदिक नव वर्ष मनाना चाहिए साथ ही इसके महत्व से अपनी आने वाली पीढ़ी को भी अवगत कराना चाहिए।
कैलाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि हमें अपने घरों प्रतिष्ठानों पर ॐ पताका फहराना चाहिए ।
उसके उपरांत शैलेन्द्र प्रताप सिंह , सौरभ श्रीवास्तव , पण्डित राहुल शर्मा , कैलाश चंद्र गुप्ता ,आकाश शर्मा , अजय कुमार ने नीम का पेड़ रोप कर नव वर्ष का स्वागत किया।
इस अवसर पर सौर्य सिंह , शांति सिंह , सुमन मिश्रा, शशांक अग्रवाल , वतन दीप मिश्रा, प्रभात कुमार गुप्ता, मनोज कुमार मिश्रा , धीरेंद्र मिश्रा आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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