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बिलाल की कलम से।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व मैं 2018 19 के लिए पर्यटन सत्र शुरू किया गया था जिसमें टूरिस्ट गाइड जिन्हें टूर्स मित्र नाम दिया गया था उनका चयन पुरानी लिस्ट के हिसाब से कर दिया गया था लेकिन कुछ विवादित गाइड को टीवी टैग्स अप के आला अधिकारियों ने एक विवादित गाइड की सेवाएं समाप्त कर दी थी।
कुछ दिन पूर्व पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक टूरिस्ट गाइड को वन्य जीव को खाद पदार्थ कराने के आरोप में एफडी और डीडी ने गाइड की सेवाएं समाप्त कर दी थी।
लेकिन कुछ एक कर्मचारी व अधिकारियों की मिलीभगत से विवादित टूरिस्ट गाइड पिछले 15 दिन से घुमा रहा है टूरिस्ट को अधिकारियों के पहुंचने पर मुंह पर रुमाल बांधकर खो जाता है दाएं बाएं।
जबकि डिप्टी रेंजर वन रेंजर रोज करते हैं गाइडो की मॉडलिंग एफ डी आर डी डी के आदेश को ताक पर रखकर कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जंगल में फिर से चालू की गई मनमानियां।
पिछले सत्र में विवाह गीत रहे बुकिंग सेंटर पर बैठने वाला बाजार फिर से मिलीभगत करके लगा रहा है वन विभाग को लाखों का चूना फुल डे के नाम पर अवैध रूप से प्राइवेट गाड़ी को दिया जा रहा है जंगल में प्रवेश बाजी दिन सभी जिप्सी अब बुक होती हैं जिसकी वजह से बुकिंग सेंटर कर्मचारी अपनी मर्जी से प्राइवेट गाड़ियों को दे देता है जंगल में प्रवेश जिसका राजस सरकार के पास नहीं पहुंचता बल के कुछ मठाधीश कर्मचारी वह गाइड आपस में बांट लेते हैं ऐसे में वन विभाग के आला अधिकारियों पर एक सवालिया निशान फिर से खड़ा हो रहा है कि जब उनके द्वारा हटाए गए फ्रीलांसर टूरिस्ट गाइड को बिना अधिकारी की मर्जी से दोबारा नंबर पर भेजा जा रहा है तो फिर जंगल के अंदर इन मठाधीश के वाचर कर्मचारी व गाइड क्या-क्या गुण खिलाते होंगे।
इस प्रकरण में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉक्टर एच राजा मोहन जी और संबंधित रेंज ऑफिसर श्री गिरिराज जी का कहना है कि यह मामला अभी तक हमारे सामने नहीं आया था इसे पुनः कल सुबह से देखा जाएगा अगर ऐसा कुछ है तो विवादित गाइड को तो हटाया जाएगा लेकिन उनके साथ सपोर्ट करने वालों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।


कैसे होता है गोलमाल
टूरिस्ट की बुकिंग के लिए मुस्ताबाद गेस्ट हाउस में एक बुकिंग सेंटर बनाया गया है जिसमें एक वाचर को रसीद काटने के लिए तैनात किया गया है लेकिन वह वाचन रेंज के कुछ अधिकारियों से मिलकर इस तरह से गोलमाल करता है या तो किसी भी कोई तोहार हो या संडे उस दिन ज्यादा भीड़ रहती है जिसकी वजह से मुस्ताबाद में खड़ी गाड़ियां कम पड़ जाती हैं तो टूरिस्ट को उनकी प्राइवेट गाड़ी से जंगल के अंदर घूमने की परमिशन दे दी जाती है यह आदेश कब हुआ किसने किया इसकी कोई पुष्टि नहीं है लेकिन जो प्राइवेट गाड़ी जंगल के अंदर घूमती है उनसे वसूली गई धनराशि सरकार तक नहीं पहुंचती बल्कि 50% हिस्सा बुकिंग सेंटर पर बैठे उस बाजार के हिस्से में आता है और 50% से में वन अधिकारी से लेकर टूरिस्ट गाइड ड्राइवर आपस में बांट लेते हैं इस पर आला अधिकारी अपनी आंखें मूंदे बैठे हैं।


नो महान नहीं मिलती है मानदेय फिर भी ठाठ नवाबी वाले
मुस्ताबाद स्थित टूरिज्म बुकिंग सेंटर पर देवेंद्र नाम की एक वाचर को तैनात किया गया है वाचर का मानदेय ₹45 माह है लेकिन बजट के अभाव के चलते इस मानदेय को मिलते मिलते 9 महा गुजर जाते हैं लेकिन बुकिंग सेंटर पर बैठने वाले देवेंद्र के ठाठ किसी डिप्टी डायरेक्टर से कम नहीं है हर 2 माह में नई गाड़ी और विदेशी पहनावे से वे अपने किए हुए गुना को उजागर करते रहते हैं।


फिर पक्षपात के भेंट चढ़ा चुका
पिछले दिनों मुस्तफाबाद से डिप्टी रेंजर मोबिन आरिफ को पक्षपात और विवाद के चलते पीलीभीत टाइगर रिजर्व से ट्रांसफर करके अन जनपद में भेज दिया गया था जिसके बाद आरिफ जमाल को चुका और मुसीबत गेस्ट हाउस की जिम्मेदारी दी गई लेकिन मैं जुदा गाइड व ड्राइवर का कहना है कि मौजूदा डिप्टी रेंजर आरिफ जमाल भी पक्षपात कर रहे हैं कुछ लोगों केसर पर हाथ रख दिया है और उनकी तरफ से अपनी आंखें मूंद ली हैं जिसके चलते कुछ गाइड ड्राइवर वाचर सभी को परेशान करते हैं और डिप्टी साहब की दोष दिखाकर अभद्र व्यवहार हर वेदर वे करते रहते हैं

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